एक किसान का इकलौता लड़का अपने माता-पिता के साथ खेत पर रहा करता था. उसके साथ खेलने के लिए कोई साथी ना था, इसलिए वह हमेशा उदास रहता था.
एक दिन उसे एक कुत्ता रास्ते के किनारे पड़ा हुआ मिला. उसकी टांग टूटी हुई थी. लड़का उसको अपने घर लाया. उसके पैर की हड्डी जोड़ी और उसकी अच्छी तरह खिदमत की. चंद दिनों में कुत्ता अच्छा हो गया.
अब वह उसका साथी बन गया. जहां जाता है उसका कुत्ता भी उसके साथ होता. इस तरह कुछ साल गुजर गए.
एक दफा लड़का किसी काम से जंगल गया है. शाम तक वह नहीं लौटा. घर के सब लोग परेशान हो गए. लड़के की मां ने अपने पड़ोसियों को बुलाकर तमाम माजरा बयान किया. सबको बड़ी फिक्र हुई. लोग उसे तलाश करने के लिए निकले. बड़ी देर तक लड़की की तलाश करते रहे लेकिन पता ना चला.
सब थक हारकर वापस होने को थे के उन्हें एक कुत्ते की भौंकने की आवाज सुनाई दी. उस आवाज पर लोग उस तरफ दौड़े देखा के कुत्ता एक गार के धहानेपर बैठा भूख रहा है. गार का मुंह एक बड़े पत्थर से बंद था.
हु यू के एक पत्थर लुढ़क कर गिरा और उसने गार के दहाने को बंद कर दिया. कुत्ते ने उसे पत्थर को हटाने की कोशिश की. मगर वह उसके दहाने से सरका ना सका. लड़का उस गार में बंद हो गया था. लोगों ने पत्थर को दहाने से हटा दिया. लड़का गार से सही सलामत बाहर आया. और अपने कुत्ते को बेहद प्यार किया.
इस तरह कुत्ते ने अपने मालिक की जान बचाई और उसको एहसान का बदला अदा किया.

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